उज्जैन, 23 सितंबर।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा की कहानी‘ के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

इसी कड़ी में उज्जैन जिले के तहसील तराना की श्रीमती पूजा की यह कहानी उसी संकल्प की जीवंत मिसाल है, जिसमें शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था और जननी सुरक्षा योजना ने एक परिवार को आर्थिक बोझ से पूरी तरह मुक्त रखते हुए सुरक्षित मातृत्व का वरदान दिया।

तहसील तराना निवासी श्री दुर्गेश की पत्नी श्रीमती पूजा का गर्भधारण लगभग नौ माह पूर्ण हो चुका था। प्रसूति का समय निकट आने पर श्री दुर्गेश अपनी पत्नी को प्रसूति हेतु सिविल अस्पताल तराना ले गए।

परिवार चिंतित था कि सामान्य प्रसव संभव होगा या नहीं। सिविल अस्पताल तराना की स्त्रीरोग चिकित्सक एवं उनकी टीम के विशेष प्रयासों से श्रीमती पूजा का सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव सम्पन्न हुआ। पूजा ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। प्रसव के पश्चात् माता और शिशु दोनों पूर्ण स्वस्थ हैं।

प्रसूति के दौरान समस्त प्रकार की सेवाएँ श्रीमती पूजा को निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। यदि निजी अस्पताल में प्रसूति कराई जाती तो परिवार पर भारी आर्थिक भार पड़ता, जो शासकीय चिकित्सालय में निःशुल्क संभव हो सका। पूजा के परिजन बेहद खुश हैं कि प्रसूति हेतु उन्हें एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक कुमार पटेल ने बताया कि शासकीय चिकित्सालय में संस्थागत प्रसव कराने पर प्रसूता एवं शिशु को चिकित्सक की सतत् निगरानी एवं देखरेख में रखा जाता है, जिससे प्रसव पश्चात् होने वाली जटिलताओं का समय रहते प्रबंधन किया जा सके।

जन्म के तत्काल बाद शिशु को शीघ्र स्तनपान कराया जाता है तथा पोलियो, हेपेटाइटिस-बी एवं बी.सी.जी. का जीरो डोज देकर प्रतिरक्षित किया जाता है। प्रसव पश्चात् प्रसूताओं को उनके निवास स्थान तक 108 एम्बुलेंस के माध्यम से निःशुल्क पहुँचाया जाता है। जननी सुरक्षा योजना से प्रसूता एवं उनके परिजन सुरक्षा तथा प्रतिरक्षा पाकर बेहद संतुष्ट हैं।

उल्लेखनीय है कि मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित रखने के लिए शासन द्वारा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु जननी सुरक्षा योजना संचालित है।

इस योजना अंतर्गत गर्भवती माता द्वारा शासकीय अस्पताल में प्रसव कराने पर प्रसूता एवं प्रेरक को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सामान्य प्रसव अथवा सिजेरियन ऑपरेशन सहित सभी प्रकार की जाँचें, औषधियाँ, भोजन, ब्लड ट्रांसफ्यूजन तथा परिवहन सेवा सहित समस्त सेवाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।

सेवा संकल्प अभियान का मूल भाव अंतिम व्यक्ति तक शासन की सेवा पहुँचाना है। तराना सिविल अस्पताल की यह घटना स्पष्ट करती है कि जननी सुरक्षा योजना एवं जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवार भी निःशुल्क, सुरक्षित और गरिमापूर्ण प्रसव सेवा प्राप्त कर रहे हैं।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का आह्वान है कि गर्भवती माताएँ संस्थागत प्रसव का लाभ अवश्य उठाएँ, ताकि मातृ-शिशु सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और सेवा संकल्प अभियान का संदेश प्रत्येक गाँव तक पहुँचे।