प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक आवश्यक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में जन्मजात एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। मुरैना जिले के ग्राम इमलिया निवासी चार वर्षीय दिव्यांश जाटव की कहानी इसी स्वास्थ्य सेवा की उपयोगिता और संवेदनशीलता को सामने लाती है।
दिव्यांश के हृदय में जन्मजात छेद था। परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिव्यांश की स्वास्थ्य स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच कराई। जांच में उसके हृदय में जन्मजात छेद की समस्या सामने आई। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार की दिशा में तत्काल कदम उठाए जा सके।
प्रारंभिक जांच के बाद दिव्यांश को आवश्यक परीक्षण एवं उपचार के लिए जिला चिकित्सालय मुरैना स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र भेजा गया। यहां चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक जांच के बाद उसे हृदय की शल्य चिकित्सा के लिए श्री अरविन्दो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, इंदौर रेफर किया गया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 16 सितम्बर 2026 को दिव्यांश के हृदय में जन्मजात छेद (एएसडी, वीएसडी) का निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और अब वह स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ रहा है। एक छोटे से बच्चे के जीवन में समय पर मिली स्वास्थ्य सुविधा ने उसके परिवार को चिंता से राहत और भविष्य के लिए नई उम्मीद दी है।
दिव्यांश के उपचार की प्रक्रिया में मैनेजर श्री रामकुमार गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता श्री पर्सराम पारासर एवं उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच से लेकर विशेषज्ञ उपचार तक की पूरी प्रक्रिया में समन्वय के साथ कार्य किया गया, जिससे दिव्यांश को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
दिव्यांश के पिता ने अपने बच्चे का निःशुल्क सफल ऑपरेशन होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर स्वास्थ्य जांच के दौरान बीमारी का पता नहीं चलता, तो शायद उन्हें अपने बच्चे की इस समस्या की जानकारी लंबे समय तक नहीं हो पाती। समय पर बीमारी की पहचान और निःशुल्क उपचार उनके परिवार के लिए बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया है।

