उज्जैन 21 सितंबर। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय में आयोजित गणेश उत्सव के अष्टम दिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की स्तुति एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों एवं सहभागियों ने भगवान गणेश का पूजन कर सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के व्याख्याता डॉ. अजय शर्मा थे।
उन्होंने गणेश उत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में पर्व-उत्सव आस्था के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस अवसर पर नीतू दिवाकर ने नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थितजनों का ध्यान आकर्षित किया तथा परिसर का वातावरण भक्तिमय एवं सांस्कृतिक रंग से सराबोर हो गया।
गणेश उत्सव के अंतर्गत शोधपीठ परिसर में प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ भारतीय कला, संस्कृति एवं परंपराओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह आयोजन महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री संजीव कुमार मालवीय के निर्देशन में किया जा रहा है एवं साथ ही अतिथियों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति में कलाकारों को पुरस्कार भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रीति दीवान ने किया। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करते हुए गणेश उत्सव की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में श्री संजीव कुमार मालवीय ने मुख्य अतिथि डॉ. अजय शर्मा, कलाकार नीतू दिवाकर तथा उपस्थित सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


