कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने आदेगांव स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास एवं आश्रम शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रम शाला में संचालित कक्षाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से पाठ्यक्रम के अनुरूप गणित, हिंदी, संस्कृत एवं अंग्रेजी विषयों के सामान्य प्रश्न पूछकर उनकी विषयवार समझ एवं शैक्षणिक स्तर का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं से सहज संवाद करते हुए पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं। छात्राओं ने आत्मीयता से अपने-अपने लक्ष्य साझा किए।
इस पर कलेक्टर ने उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कमजोर विषयों में छात्राओं की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने के लिए रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने छात्रावास में छात्राओं के रहने, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर जाली लगाने तथा छात्रावास परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि छात्राओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।
कॉपी जांच में लापरवाही पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी, नोटिस के निर्देश
निरीक्षण के दौरान छात्राओं की अभ्यास पुस्तिकाओं की नियमित जांच नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्राचार्य के साथ ही संबंधित जनशिक्षक एवं बीआरसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक सप्ताह छात्राओं की कॉपियों की जांच सुनिश्चित करने तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण पंजी का अवलोकन करते हुए मैदानी अमले एवं अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए आवश्यक प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






