सिवनी जिले की महिला उद्यमी श्रीमती ज्योति ठाकुर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर अपने सपने को सफल उद्यम का रूप दिया है। कृषक परिवार से जुड़ी श्रीमती ठाकुर ने “जेके फूड” नाम से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर स्वयं आत्मनिर्भरता की राह बनाई है। उनकी इकाई में केले एवं आलू से स्वादिष्ट चिप्स तैयार किए जा रहे हैं तथा बढ़ती मांग को देखते हुए अब नमकीन बनाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। अपने उद्यम के माध्यम से श्रीमती ठाकुर अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

श्रीमती ज्योति ठाकुर बताती हैं कि उनका परिवार कृषि कार्य से जुड़ा हुआ है। स्वयं की भूमि पर उत्पादित केले का बाजार में कई बार उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। ऐसे में उन्होंने और उनके पति ने विचार किया कि कृषि उपज को सीधे बेचने के बजाय उसका प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किया जाए, जिससे उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो और आय का नया माध्यम भी विकसित हो सके। बाजार की मांग का आकलन करने के बाद उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया।

इकाई स्थापना के लिए उन्होंने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क किया। विभाग के मार्गदर्शन में पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत मशीनरी एवं आवश्यक कच्चा माल खरीदने के लिए 9.55 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। योजना के तहत उन्हें 3.34 लाख रुपये की अनुदान राशि भी प्राप्त हुई। विभाग द्वारा उन्हें इकाई स्थापना एवं व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया।

श्रीमती ठाकुर बताती हैं कि योजना से मिली आर्थिक सहायता और विभागीय मार्गदर्शन ने उनके उद्यम को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि पीएमएफएमई योजना से उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। योजना से प्राप्त सहयोग ने उन्हें अपने उद्यम को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास दिया और आज वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा पा रही हैं।

“जेके फूड” में तैयार किए जा रहे केले एवं आलू के चिप्स को स्थानीय बाजार में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ श्रीमती ठाकुर ने अपने व्यवसाय का विस्तार भी शुरू किया है। अब वे अन्य किसानों से भी केले और आलू खरीद रही हैं, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी कृषि उपज के लिए बाजार उपलब्ध हो रहा है। इससे उनके उद्यम का लाभ केवल उनकी इकाई तक सीमित न रहकर अन्य किसानों तक भी पहुंच रहा है।

व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए श्रीमती ठाकुर ने नमकीन बनाने का कार्य भी प्रारंभ किया है। इससे उनके उत्पादों की विविधता बढ़ी है और ग्राहकों के लिए खाद्य उत्पादों के अधिक विकल्प उपलब्ध हुए हैं। साथ ही इकाई के संचालन से स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

श्रीमती ज्योति ठाकुर की पहल कृषि उपज के मूल्यवर्धन, महिला उद्यमिता और स्थानीय रोजगार सृजन का उदाहरण बन रही है। कृषि उपज को प्रसंस्कृत कर बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने से उन्हें अपनी आय का बेहतर माध्यम मिला है। वहीं, अन्य किसानों से कृषि उपज की खरीदी और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के कारण उनका उद्यम अब आसपास के क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ रहा है।

पीएमएफएमई योजना के सहयोग, विभागीय मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत से श्रीमती ज्योति ठाकुर ने छोटे स्तर से शुरू किए गए प्रयास को आगे बढ़ाकर एक ऐसे उद्यम का रूप दिया है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ अन्य किसानों को बाजार और लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है।