कराहल विकासखंड के आदिवासी बाहुल्य ग्राम गोवर्धाखुर्द में एक समय पेयजल के लिए ग्रामीणों को हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था। घर की जरूरत के साथ पशुओं के लिए पानी जुटाने में भी महिलाओं को काफी समय और मेहनत करनी पड़ती थी। पानी भरना उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गया था। अब जल जीवन मिशन ने गांव की तस्वीर बदल दी है।
ग्राम के 150 परिवारों को 150 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं और पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर नल से जल पहुंचाया जा रहा है। योजना के तहत 50 किलोलीटर एवं 20 किलोलीटर क्षमता की दो टंकियां, दो मोटर पंप तथा पृथक विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को सुबह और शाम, दिन में दो बार जलापूर्ति मिल रही है।
पेयजल के लिए बोरवेल का उपयोग किया जाता है तथा समय-समय पर क्लोरीनेशन भी कराया जाता है।
ग्राम की श्रीमती सावित्री बाई अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं, “पहले हमें पानी की बहुत समस्या थी। हैंडपंप पर पानी लेने जाना पड़ता था, जिसमें बहुत मेहनत लगती थी। अब हमारे गांव में नल-जल योजना आ गई है। अब मुझे घर पर ही पीने का पानी मिल जाता है। अब पानी की कोई परेशानी नहीं है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।
गोवर्धाखुर्द में घर तक पहुंचा नल का जल ग्रामीणों के लिए केवल पेयजल की सुविधा नहीं, बल्कि समय और श्रम की बचत का माध्यम भी बना है। महिलाओं को पानी लाने की मेहनत से राहत मिली है और परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है। जल जीवन मिशन से गांव में सुविधा, सुकून और खुशहाली की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।



